Japan’s Banks Are Expanding Rapidly in India | What This Means for India’s Economy? | StudyIQ
स्टडी आईक्यू आईएस आपका सिलेक्शन हमारा मिशन। तो एक तरफ जापान के पास सिग्निफिकेंट कैपिटल अवेलेबल है और दूसरी ओर इंडिया को उसी प्रकार के कैपिटल की यहां पर जरूरत है ताकि वो अपने विकसित भारत गोल्स को पूरा भी कर सके। और इसी डायनामिक के चलते पिछले कुछ सालों में सिग्निफिकेंट इन्वेस्टमेंट्स जापानीज़ कंपनीज़ द्वारा भी यहां पर की गई हैं। एंड पुरानी इन्वेस्टमेंट्स की बात करें तो ऑटोमोबाइल कंपनीज़ एक बहुत ही प्राइमरी एग्जांपल हैं। एंड रिसेंटली द बुलेट प्रोजेक्ट। बट अब यहां पर जापान एक अलग सेक्टर में अपनी इन्वेस्टमेंट्स को डवर्सिफाई करना चाहता है और वही डायवर्सिफिकेशन एशियन फाइनेंस का जो पूरा इकोसिस्टम है उसे यहां पर रेवोलशनाइज करने वाली है। तो जी हां, हम बात कर रहे हैं फाइनेंसियल सेक्टर के बारे में जहां पर इंडिया का एक स्ट्रांग पोटेंशियल आने वाले समय के लिए प्रोजेक्ट भी किया जाता है और जिसकी वजह से msub uएफजी जो कि जापान का एक लीडिंग बैंक है उनके द्वारा 20% स्टेक एक्वायर किया गया श्रीराम finance में इंडिया के एक लीडिंग एनबीएफसी में फॉर 4.4 बिलियन आज तक की इंडिया की फाइनेंसियल सर्विज सेक्टर का रिकॉर्ड ब्रेकिंग एफडीआई है यह जिसकी वजह से एक मेजर मार्केट्स ओपन होती हुई देखने को मिल रही हैं कि जहां पर इंडिया और इन्वेस्टमेंट अट्रैक्ट कर सकता है। एंड जापान ने एक अर्ली स्टेप यहां पर लेते हुए यह दिखाया कि जी हां हम पूरा भरोसा करते हैं इंडिया के फाइनेंसियल सेक्टर पर। क्योंकि बाकी देश अभी सिर्फ बात ही कर रहे थे कि इंडिया के फाइनेंसियल सेक्टर की बहुत अच्छी ग्रोथ यहां पर चल रही है। बट जापान टूक द फर्स्ट स्टेप और जिसकी वजह से जो एशियन फाइनेंस है उसका इकोसिस्टम भी यहां पर थोड़े समय में चेंज होता हुआ देखने को मिलेगा। बट व्हाई नाउ एंड व्हाई इंडिया यह जानना बहुत जरूरी है। एंड सिर्फ 20% स्टेक ही क्यों एक्वायर किया? अब ऐसा तो नहीं है कि जापान के पास कैपिटल की कमी है। वो सिग्निफिकेंटली और भी यहां पर एक्वायर कर सकते थे। बट व्हाई 20%? क्या रीज़न है इसके पीछे? आइए इन सभी पॉइंट्स के बारे में आज हम डिस्कशन करेंगे, जानने की पूरी कोशिश करेंगे। आपके लिए बहुत सारे इंटरेस्टिंग पॉइंट्स यहां पर होने वाले हैं। दोनों ही प्रीलिम्स एज एज़ मेंस पॉइंट ऑफ़ व्यू से। तो शुरुआत करते हैं आज के सेशन की। मेरा नाम अरविन गुलेरिया है। तो बेसिकली दीज़ काइंड ऑफ़ इन्वेस्टमेंट्स इज़ नथिंग न्यू फ्रॉम द जापान। बिकॉज़ ऑलरेडी जापनीज़ कंपनीज़ की इंडिया में सिग्निफिकेंट प्रेजेंस है। जिसमें हम इज़ली कह सकते हैं कि भैया 1300 के अराउंड आपकी कंपनीज़ हैं जापान की जो कि इंडिया में काम कर रही हैं 2025 के हिसाब से। जिनके चलते कंबाइंड टर्नओवर अगर आप देखें तो अगेन वो भी बिलियन में यहां पर कमाया जा रहा है। एवरेज टर्नओवर ग्रोथ भी आपकी यहां पर 200% से अबव देखने को मिलती है। एंड सिग्निफिकेंट प्रॉफिट्स भी यहां पर ये जनरेट करते हैं। एंड इसी प्रकार की जो इन्वेस्टमेंट्स हैं इसको अगर हम थोड़ा सा और ब्रेकडाउन करें इंडिया के पर्सपेक्टिव से तो जापान यहां पर फिफ्थ लार्जेस्ट फिफ्थ लार्जेस्ट इन्वेस्टमेंट का एक सोर्स है इंडिया के लिए। एंड हमारे ओवरऑल एफडीआई इनफ्लोस में से 6% की कंट्रीब्यूशन यहां पर जापान रखता है। और पिछले कुछ सालों में इस प्रकार का इन्वेस्टमेंट ट्रेंड भी हमें देखने को मिला है जिसे आने वाले सालों के लिए कहा जा रहा है कि वे और डबल डिजिट ग्रोथ के साथ यहां पर इनक्रीस होता हुआ देखने को मिलेगा। बट व्हाट अबाउट जापान क्या जापान भी इंडिया को उस तरीके से दिखता है? जी हां बिल्कुल। 2023 के डाटा के हिसाब से देखा जाए तो सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट उन्होंने वहां पर सिंगापुर में की एंड सेकंड रैंक यहां पर फिर इंडिया का आता है व्हिच इज़ मच बिफोर द चाइना। तो यह भी जानना बहुत जरूरी है कि भैया चाइना में उस प्रकार की इन्वेस्टमेंट्स क्यों नहीं कर रहे वो? वो भी तो एक लीडिंग इकॉनमी है। एक ग्रोइंग मार्केट है। सिग्निफिकेंट कंजमशन ड्रिवन मार्केट है। तो व्हाई नॉट चाइना एंड व्हाई इंडिया। तो इसको भी हम यहां पर डेफिनेटली डिस्कस करेंगे। बट द पॉइंट इज़ दे हैव ऑलरेडी बीन इंटू डिफरेंट सेक्टर्स। जिसमें से इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स में जो एक बहुत सिग्निफिकेंट रेवेन्यू जहां से वो जनरेट भी करते हैं। ऑटो एंड ऑटो कॉमोनेंट से भी यहां पर अच्छा खासा पैसा कमाते हैं। फाइनेंसियल सर्विज में भी जापान की प्रेजेंस है। जैसे हिताची फाइनेंसियल सर्विज आपको प्रोवाइड करता है एटीएम्स के थ्रू। बट अब वो इसी फाइनेंसियल सर्विज की इन्वेस्टमेंट को और फर्दर यहां पर इंक्रीस करने की कोशिश कर रहा है। और जिसका एक बहुत सिंपल सा रीज़न यह भी है कि इंडिया में उन्होंने बहुत पहले से इन्वेस्टमेंट करना शुरू कर दी जैसे Maruti Suzuki, Toyota, Honda, Yamaha इन सभी जॉइंट वेंचर्स के थ्रू ऑलरेडी वो अपना एक प्रेजेंस, अपना डोमिनेंस खासकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में क्रिएट कर चुके हैं। एंड दे हैव बीन एबल टू ड्राइव प्रॉफिट्स आउट ऑफ इट। बट एक बहुत सिग्निफिकेंट पॉइंट यहां पर डिस्कस करना जरूरी है अबाउट द जापानीज़ इन्वेस्टर्स। कि देखिए ये ये ऐसे इन्वेस्टर्स नहीं है जो कि क्विक रिजल्ट्स यहां पर डिमांड करेंगे। यह लॉन्ग टर्म गेम यहां पर खेलना चाहते हैं। लंबे समय तक मार्केट में अपना प्रेजेंस क्रिएट करना चाहते हैं और फिर सिग्निफिकेंट रेवेन्यू यहां से जनरेट करना चाहते हैं। जो कि इंडिया को जरूरी भी है समय पर। बिकॉज़ द काइंड ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट वी आर डूइंग करेंटली। चाहे वो फिजिकल डोमेन में हो या डिजिटल डोमेन में हो। दोनों ही केसेस में हमें समय लगेगा उस प्रकार का रिटर्न अपने इन्वेस्टर को जनरेट करने में। जिसकी वजह से वेस्टर्न इन्वेस्टर्स के पर्सपेक्टिव से अगर देखा जाए तो वो क्विक टर्म रिटर्न्स यहां पर चाहते हैं। बट वहीं जापनीज़ इन्वेस्टर्स जो कि बहुत समय से इंडिया में अपनी प्रेजेंस क्रिएट करके बैठे हैं तो उन्हें एक तरीके से सीज़्ड इन्वेस्टर भी यहां पर कहा जाता है कि जी हां दे हैव बीन एबल टू होल्ड देयर पोजीशन इन द मार्केट एंड दे वांट लॉन्ग टर्म रिजल्ट्स। इसी वजह से हमें इसी प्रकार की इन्वेस्टमेंट की भी यहां पर आवश्यकता है। बट टू टॉक अबाउट इट। अब टू टॉक अबाउट द जापनीज़ इन्वेस्टमेंट या जो जापानीज़ बैंक्स हैं कि वो किस प्रकार से अपने इस डोमेन में ऑलरेडी काम कर चुके। तो जापान की इकॉनमी एक मेजर तरीके से यहां पर ग्रो करी है आफ्टर द 1984 राइट एंड उसी के चलते बाय 1990 दे हैव बीन एबल टू क्रिएट अ बबल अराउंड इट है ना उनका स्टॉक मार्केट भी एक बबल में क्रिएट हो चुका था रियलस्टेट प्राइसेस स्काई रॉकेट करके थे मतलब यूएस के रियलस्टेट प्राइसेस से भी तीन से दो गुना ज्यादा वहां पर देखने को मिलते थे राइट एंड इसी बबल का जब बस्ट हुआ उसके बाद से जापान एक लॉस डेकेड्स के फिनोमिना में वहां पर चला गया डिफ्लेशनरी प्रेशर्स वहां पर क्रिएट हुए बहुत सारी पॉलिसीज भी वहां पर फॉलो की बट जस्ट बिफोर दिस बबल इकॉनमी जो कि जापान की वहां पर देखने को मिलती है बाय 1991 तो जापान की जो जीडीपी का साइज था जो पर कैपिटा जीडीपी का साइज था इट वाज़ 120% दैट ऑफ ब्रिटेन एंड 85% दैट ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स। एक छोटा सा देश जो कि इतनी स्ट्रांग डोमिनेंस यहां पर क्रिएट कर चुका था। बट द पॉइंट इज़ इस अपडेटिक के समय पर जापानीज़ बैंक्स ने भी बढ़-चढ़ के यहां पर उधार दिए थे। एंड सिंपल सा रीज़न है ना कि रियलस्टेट के प्राइसेस वहां पर बढ़ रहे तो ऑलरेडी आपका जो कोलैटरल है वो भी यहां पर इंक्रीस कर रहा है। तो बढ़-चढ़ के यहां पर लोंस प्रोवाइड किए गए। पर जैसे ही यह कोलैप्स हुआ यहां पर बबल जैसे ही बबल यहां पर बर्स्ट हुआ उसके बाद से जापानीज़ बैंक्स भी बहुत ज्यादा कॉशियस अप्रोच फॉलो करने शुरू कर गए। हालांकि इस डिफ्लेशनरी प्रेशर से एक ऐसी पॉलिसी का यहां पर इंप्लीमेंटेशन किया गया जिसके बारे में कोई सोचता भी नहीं है और ना ही कोई इंप्लीमेंट भी करता है। यील्ड कर्व को कंट्रोल करना कि मतलब इंटरेस्ट रेट्स को 0% के अराउंड यहां पर मेंटेन करना ताकि लेंडिंग को इंसेंटिवाइज किया जा सके। उसे और पुश दी जा सके, डिमांड क्रिएट की जा सके एंड इकॉनमी में रिवाइवल भी लाया जा सके। तो हालांकि जापानीज़ बैंक्स ने तो अपने आप को उस पर्टिकुलर टर्मोइल से बाहर निकालने में बहुत सक्षमता से यहां पर काम किया है। जिसकी वजह से इन जापनीज़ बैंक्स के पास उस प्रकार की हाई लिक्विडिटी भी है एंड अच्छी खासी बैलेंस शीट्स भी यहां पर अवेलेबल है। राइट? डोमेस्टिक सेविंग्स भी यहां पर अबंडेंट है। बट पॉइंट यहां पर क्या है कि डोमेस्टिक डिप्लॉयमेंट उस प्रकार की बहुत कम देखने को मिल रही है। बिकॉज़ उतना डिमांड क्रिएट नहीं हो पा रहा है। हालांकि पिछले डेढ़ सालों में थोड़ा अपटेटिक यहां पर आता हुआ देखने को मिला। बट अगेन बैंक्स को भी यहां पर लॉन्ग टर्म रिटर्न्स चाहिए। तो वो भी चाहते हैं कि ऐसे सेक्टर में डवर्सिफाई किया जाए, ऐसे देश में डवर्सिफाई किया जाए जहां पर इस कैपिटल को भी यूज़ किया जा सके। एंड सिंस इंटरेस्ट रेट्स ऑलरेडी वहां पर नियर ज़ीरो यहां पर चल रहे अभी तो लास्ट ईयर ही थोड़ा सा बढ़ाया था और कैरी ट्रेड का फिनोमिना भी हमने वहां पर डिस्कस किया था। बट द पॉइंट इज़ कि जब वहां की पापुलेशन का एक स्ट्रक्चरल कंस्ट्रेंट यहां पर आ चुका है कि भैया एजिंग पापुलेशन है। पॉपुलेशन बेस श्रिंक कर रहा है। फर्टिलिटी रेट्स आपके लो चले जा चुके हैं। हाउसहोल्ड सिर्फ और सिर्फ अपने पुराने उधारों को यहां पर चुका रहे हैं। नए उधार वो नहीं ले रहे हैं। तो वहीं फिर विद जापानीज़ बैंक्स के लिए एक बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट बन जाता है कि यार नए कस्टमर को यहां पर टारगेट किया जाए। एंड सिंस इंडिया का जो फाइनेंसियल सेक्टर है वो रिसेंटली ग्रो कर ही रहा है। उस प्रकार की अपनी सिग्निफिकेंट प्रेजेंस क्रिएट कर रहा है। तो उसी फाइनेंसियल सेक्टर को टैप करने के लिए जापान द्वारा इंडिया में भी इन्वेस्टमेंट की जा रही है। एंड जिसका सबसे सिंपल सा रीज़न अगर आप देखें कि इंडिया की जो डोमेस्टिक क्रेडिट डिमांड है। राइट? 2015 से लेके 2025 तक हर मंथली वाइज अगर यहां पर देखा जाए तो सिग्निफिकेंट पॉजिटिव ही यहां पर हमें डिमांड देखने को मिलती है कि जो आपका रेट ऑफ ग्रोथ है वो पॉजिटिव ही देखने को मिलता है। एंड ऑन एन एवरेज 14 से 15% तक की एनुअल ग्रोथ रेट हमें क्रेडिट डिमांड में देखने को मिलती है। राइट? एंड अपार्ट फ्रॉम दैट जो लोन ग्रोथ है इंडिया में इट इज़ लाइकली टू पिक अप जो बुश भी यहां पर आए कि एसेट क्वालिटी को और बेहतर किया जा सके। और एसेट क्वालिटी जब से बेहतर होनी शुरू हुई है तब से सस्टेनेबल लैंडिंग भी यहां पर की जा रही है। जो उधार यहां पर लिए जा रहे हैं उसकी वेरिफिकेशन अच्छे से की जा रही है। ऑलरेडी आरबीआई ने जो ट्विन बैलेंस शीट प्रॉब्लम थी जिसमें अगेन एनपीएस का नंबर बढ़ता हुआ देखने को मिला था। उसको काउंटर करने के लिए एसेट क्वालिटी रिव्य्यू वहां पर कंडक्ट किया जो कि फाइनेंसियल ईयर 2018 में हाईएस्ट एनपीए नंबर भी हमने रिकॉर्ड किया था। अब वो प्रेशर्स भी हमने धीरे-धीरे रॉल्व किए हैं। राइट? एट द सेम टाइम लोन ग्रोथ तो डेफिनेटली कोविड के बाद से यहां पर अपटेक हुआ ही हुआ है। बट अपार्ट फ्रॉम दैट इंडिया का जो रिटेल क्रेडिट ग्रोथ है माने कि जो इंडिविजुअल द्वारा जो यहां पर लोन की डिमांड क्रिएट की जा रही है वो मेनली ड्रिवन है फ्रॉम द हाउसहोल्ड लोंस और हाउसहोल्ड लोोंस के केस में यहां पर या हाउसिंग लोनस के केस में बेसिकली यहां पर क्या है कि मॉर्गेज्ड एसेट्स हैं कि वो घर एज इट इज़ एक तरीके का एसेट है जो कि बैंक के पास रहेगा जब तक आप अपने लोन की रीपेमेंट यहां पर नहीं करेंगे और उसी बेसिस पर अगर देखा जाए जो अफोर्डेबल मॉडगेजेस हैं विद द टिकट साइज ऑफ जो कि ऑफर करते हैं 3% का रिटर्न ऑन एसेट जो कि बैंक यहां पर अपने इंटरेस्ट मार्जिन के थ्रू कमाता है। तो रिप्रेजेंट करता है इंडिया में ही 500 बिलियन की लैंडिंग अपॉर्चुनिटी और इसी लैंडिंग अपॉर्चुनिटी को तो ऑलरेडी डोमेस्टिक बैंक्स कैपिटलाइज करना ही चाहते हैं। बट इट इज़ नॉट जस्ट अबाउट द डोमेस्टिक बैंक्स। अब यहां पर फॉरेन बैंक्स जैसे कि जापान का मिसुबिशी वो भी यहां पर इस प्रकार के डोमेन इकोसिस्टम में अपने आप को एंटर करना चाहता है। जापानीज बैंक्स खुद को यहां पर एंटर करना चाहते हैं। बट क्या सिर्फ यही फैक्टर है कि ओवरऑल क्रेडिट में डिमांड आ रही है या हाउसिंग लोंस यहां पर बढ़ रहे हैं? नहीं। एक बहुत क्रिटिकल सेक्टर जो हमारे देश का है जो कि हमारे देश की इकोनमिक ग्रोथ में अभी तक सिग्निफिकेंट कंट्रीब्यूशन 30% तक की कर पा रहा है। एंड उसके अलावा एक्सपोर्ट्स में 40 45% तक की कंट्रीब्यूशन कर पाता है। बट अब आने वाली ग्रोथ कहीं ना कहीं इन्हीं सेक्टर्स के अराउंड है। व्हिच इज़ व्हिच इज़ योर एमएसएमईस। बिकॉज़ चाइना ने ऑलरेडी उस प्रकार का एक ट्रेंड यहां पर एस्टैब्लिश किया है। बिकॉज़ चाइना में भी अगर आप ग्रोथ को ऑब्जर्व करें 1980 ऑनवर्ड्स उन्होंने भी अपने छोटे इंडस्ट्रीज को यहां पर और फर्दर पुश दिया। चाहे वो कैपिटल पुश हो, हैंड होल्डिंग पुश हो कि भैया आप यहां पर ग्रो कीजिए और उसी एमएसएमईस को ग्रो करते हुए चाइनीस इकॉनमी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज को भी यहां पर एनहांस किया है। तो इंडिया भी हालांकि वही मॉडल फॉलो कर रहा है। बहुत समय से एमएसएमईस के ऊपर यहां पर फोकस रखे हैं। बट अभी भी उस प्रकार का क्रेडिट गैप यहां पर पाया जाता है जिसकी वजह से एमएसएमईस ये कंसर्न्स फेस करते हैं और वो जो ग्रोथ एक्वायर कर सकते हैं वो नहीं कर पा रहे हैं। सो दैट इज़ अनदर मार्केट जिसमें क्रेडिट की डिमांड सिग्निफिकेंटली बढ़ेगी। बिकॉज़ ये एमएसएमईस के लिए बहुत सारे इनिशिएटिव्स भी सरकार द्वारा यहां पर लाए गए हैं। एंड उसे सिग्निफिकेंट डिमांड को कैप्चर करने के लिए इस प्रकार के फॉरेन बैंक्स भी यहां पर पूरे इंटरेस्टेड हैं। बट ये चीज पॉसिबल कैसे हुई? पॉसिबल इसीलिए हुई बिकॉज़ उस प्रकार का रेगुलेटरी इकोसिस्टम भी यहां पर देखने को मिलता है। कि जो प्राइवेट सेक्टर की बैंक्स है उसमें एफडीआई कैपिंग आपकी 74% तक की है। ऑटोमेटिक 49% बाकी गवर्नमेंट रूट के थ्रू आपका 49 से 74। पब्लिक सेक्टर बैंक्स में एक बहुत बड़ा कंसर्न है कि अभी भी 20% रखा गया है। हालांकि इसको रिवाइज करने के लिए बार-बार बहुत सारे इकोनॉमिस्ट, बहुत सारे जो पॉलिसी होल्डर्स हैं जो इस प्रकार की पॉलिसीज में एडवाइस क्रिएट करते हैं उन्होंने यहां पर रेकमेंड किया है दैट दिस नीड्स टू बी इंक्रीज्ड। बिकॉज़ अगर हम इसे इनक्रीस यहां पर करेंगे तो डेफिनेटली उस बेसिस पर पब्लिक सेक्टर बैंक्स के पास भी सिग्निफिकेंट कैपिटल आएगा। जिसके चलते हमारे देश में जो फाइनेंसियल इंक्लूजन का एक अभी भी बैरियर है जिसे हम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उस बैरियर को भी हम यहां पर तोड़ पाएंगे और अपना देश के हर एक नागरिक तक इस प्रकार की फाइनेंसियल सर्विज पहुंचा पाएंगे। एंड मोर ओवर फॉर इंडिया टू क्रिएट वर्ल्ड स्केल बैंक्स जहां पर हम कहते हैं ना कि भैया ग्लोबल लेवल के हमें बैंक्स यहां पर बनाने हैं। उसके लिए भी हमें यहां पर कैपिटल की जरूरत है। जिसमें पब्लिक सेक्टर बैंक्स के ऊपर जो यहां पर ऑलरेडी लिमिट लगी हुई है इसको यहां पर इंक्रीस करने के बार-बार रेकमेंडेशंस दे दिए जा चुके हैं। एंड व्हेन इट कम्स टू एनबीएफस ऑलरेडी अप टू 100% यहां पर रखा गया है। कुछ डिफरेंट एनबीएफसी जो कि आपके डिफरेंट रेगुलेटर्स के अंतर्गत हैं। जैसे कि सेबी के अंतर्गत हो गया, इंश्योरेंस रेगुलेटर के अंतर्गत हो गया। उनके अपने डिफरेंट नॉर्म्स भी हैं। बट ओवरऑल अगर देखा जाए तो 100% तक यहां पर अलाउ की गई है। राइट? अब इन्हीं एनबीएफसी में जहां पर अप टू 100% इन्वेस्टमेंट अलाउड है। तो भैया msubशी uएफजी ने क्यों यहां सिर्फ और सिर्फ 20% ही स्टेक एक्वायर किया। क्यों मेजॉरिटी क्यों नहीं एक्वायर किया? 20% तक ही यहां पर क्यों रुक गए? तो आइए इन पॉइंट्स को भी हम डेफिनेटली यहां पर डिस्कस करेंगे। बट बिफोर दैट एक सिंपल सा सवाल आप सभी के लिए कि प्राइमरी ऑब्जेक्टिव यहां पर जब आरबीआई द्वारा स्केल बेस्ड रेगुलेशन फ्रेमवर्क इंप्लीमेंट किया गया था एनबीएस के लिए तो उसका प्राइमरी ऑब्जेक्टिव यहां पर क्या था? चार ऑप्शंस यहां पर आपको दी गई हैं। थोड़ा सोचिए इसके बारे में और करेक्ट आंसर जरूर मार्क कीजिए। एंड आप में से जितने भी लोग यहां पर तैयारी कर रहे हैं सिविल सर्विज की। एंड अगर आपको इकॉनमी एज अ सब्जेक्ट अगर बहुत दिक्कतें आप फेस करते हैं उस चीज में या उतने कॉनसेप्चुअल क्लेरिटी डेवलप नहीं कर पाते हैं तो ऑलरेडी हमने अर्थमिक्स सीरीज भी शुरू करी है। आप उसको जाके हमारे YouTube चैनल पे चेक आउट कर सकते हैं। एंड इस चैनल को भी आप ज्वाइन कर सकते हैं जहां पर हम मॉक क्वेश्चंस करंट अफेयर्स के अपडेट्स रेगुलरली शेयर करते हैं। एंड अगर आपके कोई कंसर्न्स हैं, डाउट्स हैं, दिस इज़ माय कांटेक्ट नंबर। आप मुझे भी अप्रोच कर सकते हैं। आई विल बी मोर दैन हैप्पी टू असिस्ट यू। बट अपार्ट फ्रॉम दैट करेंटली स्टडी आईक्यू किस तरीके से आपकी सहायता कर रहा है? 2027 के लिए जितने भी हमारे एस्पिरेंट्स टारगेट कर रहे हैं बिलीव मी अगर आप यह सोच रहे हो कि प्रीलिम्स 2026 होगा उसके बाद हम यहां पर 27 का अटेम्प्ट की तैयारी करेंगे तो ये गलती मत कीजिए बिकॉज़ आप नहीं करेंगे तो और बहुत सारे लोग हैं जो कि ऑलरेडी कर चुके हैं। तो इसी पर्टिकुलर पर्सपेक्टिव को मद्देनजर रखते हुए एंड जो डिमांड यहां पर बढ़ती जा रही है इस एग्जामिनेशन की जहां पर आपको ऑप्शनल एस्स एथिक्स आंसर राइटिंग वेल इन टाइम यहां पर कवर करना है तो ऑलरेडी हमने 2027 का बैच यहां पर ल्च कर दिया है। बैच शुरू हो चुका है, बट एडमिशंस अभी भी यहां पर ओपन हैं। इंग्लिश, इंग्लिश और हिंदी। तीन तीनों ही मॉडल्स में हमारे पास यहां पर कोर्सेज़ अवेलेबल हैं। बट द पॉइंट इज़ कि ये पर्टिकुलर बैच आपको इनेबल करेगा कि आप एक कंप्लीट अंडरस्टैंडिंग हर एक सब्जेक्ट की एक्वायर करें। बिकॉज़ लाइव क्लासेस के थ्रू यहां पर कवरेज रहेगी कंटेंट की। नोट्स कवर्ड हैं। मेंटरशिप आपका कवर्ड है, आंसर राइटिंग कवर्ड है, मॉक सेशंस कवर्ड है। एवरीथिंग इज़ कवर्ड। व्हाटएवर अ पर्टिकुलर एस्पिरेंट इट्स। और इसी बैच में हमारे पास ऑप्शन है प्रीलिम्स रेजिडेंशियल प्रोग्राम का। जिस प्रोग्राम के चलते अगर आप अपने बैच के टॉप 10 टॉप 10% परफॉर्मर्स में से हैं तो आपके लिए एक ऑप्शन यहां पर ओपन हो जाता है प्रीलिम्स से 90 से 100 दिन पहले कि आप ऑफलाइन मीडियम में आकर तैयारी कर सकते हैं जिसमें आपका फूड एंड लॉजिंग कंप्लीटली स्टडी आईक्यू द्वारा दिया जाएगा। एंड अगर आपने प्रीलिम्स क्लियर कर दिया अगेन अ वेरी वेरीेंट पॉइंट कि आपका जितना भी अमाउंट आपने पे किया था वो आपको रिफंड कर दिया जाएगा। एंड मेंस रेजिडेंशियल प्रोग्राम सिमिलर लाइंस पर आपके लिए फ्री ऑफ़ कॉस्ट अवेलेबल रहेगा। सो डेफिनेटली जाके चेक आउट करें। एनरोल करें एंड व्हाइल एनरोलिंग यू कैन यूज़ द कोड ऑफ़ ईआरजी लाइव फॉर द मैक्सिमम डिस्काउंट्स। नाउ लेट अस टॉक अबाउट कि ये जो ट्रेंड यहां पर हमें मिसबिशी फाइनेंस का देखने को मिला है। क्या ये ट्रेंड एक नया ट्रेंड है या ऑलरेडी इस प्रकार की इन्वेस्टमेंट्स हमें देखने को मिली है? तो डेफिनेटली ऑलरेडी जापान का जो एसएमबीसी है उन्होंने भी यहां पर 20% स्टेक एक्वायर किया है Yes बैंक में। SBI जो ऑलरेडी इन्वेस्टर था उन्हीं से उनका स्टेक यहां पर Yes Bank का एक्वायर कर लिया गया है। तो अगर आप देखें जापान ने बैंकिंग सिस्टम एज वेल एज एनबीएफसी दोनों की ही जो आपकी एक मेजर कंपनीज़ हैं मेजर बैंक्स हैं Sam Finance तो डेफिनेटली जाना जाता है ऑटोमोबाइल लोनस के लिए। बट अपार्ट फ्रॉम दैट Yes Bank जिन्होंने अपनी सिग्निफिकेंट प्रेजेंस यहां पर क्रिएट करी है डिजिटल मीडिया में भी। इन दोनों बैंक्स में एक सिग्निफिकेंट इन्वेस्टमेंट्स यहां पर हो चुकी हैं। राइट? तो दैट इज व्हाई जापान कोई एक छोटा स्टेप नहीं ले रहा है या जापान के इंस्टिट्यूशन एक एक सिंगल इन्वेस्टमेंट को छोड़ के यहां पर नहीं जा रहे हैं। वो ऑलरेडी उस प्रकार का ट्रेंड यहां पर एस्टैब्लिश करके बैठे हैं। क्योंकि ऑलरेडी इनकी रिटेल प्रेजेंस यहां पर बढ़िया है। कॉर्पोरेट रिलेशनशिप्स अच्छे हैं। तो उसी चीज को यहां पर ये कैपिटलाइज करना चाहते हैं। मोनेटाइज करना चाहते हैं ताकि इंडिया के इस नए रेवोल्यूशन इस फाइनेंसियल रेवोल्यूशन का वो हिस्सा बन सकें। एंड फाइनेंसियल रेवोल्यूशन के केस में इंडिया की ऑलरेडी बहुत सारी तारीफें दुनिया भर में की जाती हैं। यूपीआई बीइंग वन ऑफ दोज़ पर्टिकुलर प्रोडक्ट्स जिसकी वजह से फाइनेंसियल इंक्लूजन का जो एक टारगेट है उसे हम यहां पर पूरा भी कर पाए हैं। जनधन के थ्रू उस प्रकार की कवरेज भी यहां पर हो पाई है लोगों की। तो अब समय है उन लोगों तक उस प्रकार की क्रेडिट फैसिलिटीज़ पहुंचाना। बट अब इंडिया के लिए अभी तक ये कंसर्न क्यों था? बिकॉज़ कहीं ना कहीं कैपिटल बेस बहुत कम था। अपार्ट फ्रॉम दैट कुछ ना कुछ टेक्निकल इश्यूज या टेक्नोलॉजिकल इश्यूज भी हम यहां पर फेस कर रहे थे। बट अब जब सिग्निफिकेंट कैपिटल बेस यहां पर इंप्रूव होगा इन बैंक्स का एन बीएफसीस का थ्रू दीज़ काइंड ऑफ इन्वेस्टमेंट्स तो वो अपना स्केल ऑफ ऑपरेशंस को और इंटेंसिफाई भी कर पाएंगे। राइट? सो दैट इज़ द आईडिया जिसके बेसिस पर ये काम किया भी जा रहा है। उसके अलावा जापान का मज़ सिक्योरिटीज़ उन्होंने भी 20% स्टेक यहां पर एवेंडस कैपिटल में यहां पर एक्वायर किया है। केकेआर से यहां पर उस स्टेक को यहां पर खरीद लिया है। राइट? सो दैट मींस दे हैव बीन टारगेटिंग द फाइनेंसियल सर्विज डोमेन एंड इसी डोमेन ने फर्दर उनकी इन्वेस्टमेंट्स आने वाले समय में शायद और इंटेंसिफाई भी यहां पर हो जाए। बट इस सभी इन्वेस्टमेंट के पीछे एक स्ट्रक्चरल पैटर्न है। वो स्ट्रक्चरल पैटर्न यहां पर क्या है कि 20% माइनॉरिटी स्टेक लेना कहीं ना कहीं एक बोर्ड रिप्रेजेंटेशन भी उनको प्रोवाइड करता है। है कि नहीं? 20% स्टेक अगर यहां पर वो ले रहे हैं माइनॉरिटी स्टेक यहां पर ले रहे हैं तो बोर्ड रिप्रेजेंटेशन भी उनको यहां पर मिल रही है दोनों इस प्रकार की Yes Bank और Sam Finance एनबीएफसी में। तो कहीं ना कहीं इसके थ्रू एक कॉशियस अप्रोच भी यहां पर फॉलो कर रहे हैं। बिकॉज़ दे हैव ऑलरेडी सीन इट। उनका जब बबल इकॉनमी वहां पर बस्ट हुआ था तो उस समय पर बैंक्स के ऊपर बहुत ज्यादा प्रेशर आ गया था। एंड फिर उसके बाद से जब से 0% पॉलिसी वहां पर फॉलो की गई लेंडिंग की तो उसकी वजह से उनके मार्जिनस भी यहां पर कम हो गए। सो दे डू एग्रेसिवली वांट टू कैपिटलाइज़ इंडियास फाइनेंसियल सेक्टर। ऐसा नहीं है उसको करना चाहते हैं। बट इन अ कॉशियस एंड फेस्ड मैनर जिसकी वजह से अभी सिर्फ और सिर्फ माइनॉरिटी स्टेक यहां पर एक्वायर किया गया ताकि बोर्ड्स में वहां पर रिप्रेजेंटेशन मिल जाए इस प्रकार के फाइनेंसियल इंस्टीटशंस में और जो अंडर सर्व्ड सेगमेंट्स हैं जैसे कि श्री राम Finance ऑलरेडी व्हीकल फाइनेंस के ऊपर काम कर रहा है। एमएसएमई क्रेडिट इन्वेस्टमेंट बैंकिंग इन चीजों के ऊपर अब यहां पर फर्दर आगे जाके काम किया जा सके। राइट? एंड अगर हम देखा जाए तो आपके ऐसे प्लेटफार्म जैसे श्री राम Finance हो गया। Yes Bank हो गया। इनका ऑलरेडी कस्टमर डिस्ट्रीब्यूशन प्रेजेंट है। इन्होंने ऑलरेडी मार्केट में उस प्रकार का नाम यहां पर कमाया है। तो ये छोटी-मोटी इन्वेस्टमेंट्स नहीं है। एक लीडिंग बैंक और लीडिंग एनबीएफसी में यहां पर इन्वेस्टमेंट यहां पर की जा रही है। जहां पर वो क्रेडिट का रिस्क मैनेजमेंट भी करना चाहते हैं। एज वेल एज गवर्नेंस में भी अपना रोल देखना चाहते हैं। और सिर्फ और सिर्फ कैपिटल इनफ्यूज करके उनको छोड़ना नहीं चाहते। दे वांट अ बोर्ड एट द सीट। उनको उस प्रकार का एक पर्टिकुलर ऑपरेशनल हैंड भी वहां पर चाहिए जहां पर उस प्रकार की पॉलिसीज को थोड़ा बहुत ऑल्टर भी यहां पर कर सकें। एंड ये ऑप्टिमल स्ट्रक्चर यहां पर कैसे आया? बिकॉज़ उस प्रकार का रेगुलेटरी मैकेनिज्म यहां पर अगेन आरबीआई द्वारा भी रखा गया है। जैसे रेगुलेटरी कैप्स ऑलरेडी फॉरेन ओनरशिप पे यहां पर आरबीआई ने रखी हैं। राइट? अब जापानीज़ का जो अपना रिस्क का वर्जन यहां पर चल रहा है जो कि ऑलरेडी उन्होंने यहां पर सीखा है। उनके बबल इकॉनमी के बस्ट होने के बाद तो चाहते हैं कि भैया लॉन्ग टर्म रिटर्न्स यहां पर जनरेट हो तो उसकी शुरुआत माइनॉरिटी स्टेक से यहां पर की जाए। अगर उनको लगेगा कि यार हां बिल्कुल सही तरीके से काम चल रहा है। अच्छा रेवेन्यू जनरेट हो रहा है। प्रॉफिटेबिलिटी यहां पर आ रही है। सो दे विल ग्रेजुअली ट्राई टू इंप्रूव देयर शेयर होल्डिंग इन दिस काइंड ऑफ़ बैंक्स। और ये ट्रेंड कहीं ना कहीं ग्लोबली भी अब बाकी बैंक्स फॉलो या बाकी इंस्टीटशंस यहां पर फॉलो कर सकते हैं। बिकॉज़ उनको चाहिए कि उस प्रकार के इंडिया का जो एक ग्रोइंग मार्केट है जहां पर यूथ यहां पर डेमोग्राफिक डिविडेंड की वजह से जिसकी मात्रा ज्यादा है। वो कंसमशन भी करेगा। वो लोन भी लेगा। उसको नया घर भी लेना है, उसको नई गाड़ी भी लेनी है, उसको अपना कंसमशन के लिए भी लोन चाहिए। तो डेफिनेटली उस प्रकार का स्कोप और एडवांटेजेस यहां पर उन फाइनेंसियल इंस्टीटशंस के लिए हैं कि वो इंडिया के फाइनेंसियल सेक्टर में यहां पर इन्वेस्ट करके अपने लिए अच्छा खासा पैसा कमा सकें। बट इट इज़ ऑल ड्यू टू द रेगुलेटरी मैकेनिज्म जिसको यहां पर ट्रिगर किया गया था आरबीआई द्वारा। ये कंसर्न्स यहां पर देखने को मिले थे कि भैया 2008 के क्राइसिस का जो इंपैक्ट यहां पर था कि ट्विन बैलेंस शीट प्रॉब्लम यहां पर क्रिएट हुई देखने को मिला कि भैया बैंक्स तो यहां पर एवरग्रीनिंग ऑफ लोंस कर रहे हैं। तो उन्हीं एवरग्रीनिंग ऑफ लोंस को यहां पर समझने के लिए उनको अच्छे तरीके से अंडरस्टैंड करने के लिए एसेट क्वालिटी रिव्य्यू यहां पर आरबी द्वारा लाया गया। उससे पहले बासल 3 नॉर्म्स इंट्रोड्यूस किए ताकि कैपिटल अवेलेबिलिटी यहां पर हो सके। फ़र्दर उसके बाद आपका आईबीसी यहां पर इंट्रोड्यूस किया गया। पीएसबी मंथन यहां पर लाया गया ताकि भैया बैंक्स को यहां पर मर्ज किया जा सके। उसके बाद फिर यहां पर आपके एनबीएस कम होने शुरू हुए हैं। जो नॉन परफॉर्मिंग एसेट का नंबर है वो यहां पर कम होना शुरू हुआ है। उन मर्जर्स के थ्रू उन रिकैपिटलाइजेशन के थ्रू सो कॉल्ड अ रिव्य्यू के थ्रू। तो यही स्टोरी यहां पर जापान फॉलो कर रहा है कि जब रेगुलेटर ढंग से काम कर रहा है, फॉरेन पार्टिसिपेशन को भी अलाउ कर रहा है और अपने सिस्टम को भी यहां पर क्लीन अप कर रहा है। सो नाउ इज द टाइम व्हेन यू कैन गो देयर एंड कैपिटलाइज व्हाट हैज़ ऑलरेडी बीन डन और उसके एडवांटेजेस को लेते हुए अपनी मार्केट प्रेजेंस और स्ट्रेंथन की जाए। अब चाइना के साथ वही दिक्कत है। चाइना में ऑलरेडी रेगुलेटरी कंस्ट्रेंट्स बहुत ज्यादा हैं। है ना? बहुत उतना ट्रांसपेरेंट मैकेनिज्म भी नहीं है। है ना? हर बार चाइना को ग्लोबली क्रिटिसाइज किया जाता है कि भैया उनकी जो रिपोर्ट्स हैं, उनके जितने भी फाइनेंससेस हैं, उतने ट्रांसपेरेंटली अवेलेबल नहीं रहते। तो वो भी एक कंसर्न है जिसके सिर्फ जापान उतना भी चाइनीस फाइनेंसियल सिस्टम में काम नहीं करना चाहता। एंड उस केस में अगर आप देखेंगे भी चाइना के बैंक्स जो टॉप फोर बैंक्स हैं आपको सारे सरकारी बैंक्स देखने को मिलेंगे। बट इंडिया के केस में डिफरेंट है। इंडिया के केस में जो टॉप थ्री बैंक्स अगर हम जिनको कहते हैं डोमेस्टिकली सिस्टमैटिक इंपॉर्टेंट बैंक्स जो हैं उनको भी अगर देखा जाए तो पहले नंबर पे एसबीआई आता है। दूसरे नंबर पे HDFC देन ICICI तो यहां पर दोनों ही प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की पार्टिसिपेशन है। चाइना केस में कंप्लीटली पब्लिक सेक्टर का कंट्रोल है। अब जापान नहीं चाहेगा कि वो फिर से जाके किसी सरकार के साथ वहां पर काम करने की शुरू करे। इसी वजह से वो इंडिया के इस पर्टिकुलर सेक्टर को कैपिटलाइज़ करना चाहेगा। एंड फर्दर जो एक मेजर ग्रोथ पोटेंशियल यहां पर अवेलेबल है उसे वो मोनेटाइज करते हुए अपने प्रॉफिट्स भी जनरेट करना चाहेगा। अब देखते हैं किस तरीके से और इन्वेस्टमेंट्स यहां पर आती हैं और जापान के मॉडल को क्या बाकी देश भी फॉलो करते हैं कि नहीं। बट अ वेरी गुड न्यूज़ फॉर द इंडियन फाइनेंसियल सर्विज सेक्टर कि उनके लिए यहां पर कैपिटल के द्वार खुलते हुए देखने को मिल रहे हैं। तो आई होप आप सभी के लिए ये वैल्यूएबल इनफार्मेशन यहां पर है। मिलते हैं किसी और सेशन में। ऑल द वैरी बेस्ट। हैव अ गुड प्रिपरेशन। स्टडी आईक्यू आईएएस। आपका सिलेक्शन हमारा मिशन
Clear UPSC with StudyIQ’s Courses : https://studyiq.u9ilnk.me/d/ARGLIVE
YouTube Series By Arvind Guleria: https://studyiq.u9ilnk.me/d/axiijCzqn5
Call Us for UPSC Counselling- 9240231046 / 76-4000-3000
To download the PDF: https://studyiq.u9ilnk.me/d/GENp0BzUnJ
Use code ‘ARGLIVE’ to get Highest Discount
UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term December Morning Batch
Batch Starting on 20th Dec. 2025 | Daily Live Classes at 8:00AM
Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/ARGLIVE
UPSC IAS Live SIP 2026 Crash Course December Evening Batch
Batch Starting on 19th Dec. 2025 | Daily Live Classes at 6:00 PM
Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/AI7LghvqVx
UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2026 Fast Track Batch : https://studyiq.u9ilnk.me/d/L6fV8tv6Y1
Batch Just Started | Daily Live Classes at 6:00 PM
UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2028 Nirmaan December Morning Batch
Batch Starting on 20th Dec. 2025 | Daily Live Classes at 8:00AM
Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/Qu7HG2Hv3E
Download our App for Dedicated UPSC Materials & Support – https://studyiq.u9ilnk.me/d/RQtp71j77l
Japan’s Banks Are Expanding Rapidly in India | What This Means for India’s Economy? | StudyIQ
Japanese banks are rapidly expanding their presence in India, signaling a major shift in global financial and economic strategy. But why are Japan’s banks choosing India, and what does this mean for India’s economy, banking sector, and long-term growth?
In this video, we explain why Japanese banks are investing heavily in India, the economic reasons behind this expansion, and how it impacts India’s financial system, credit growth, infrastructure development, and global positioning. We also discuss the role of India-Japan economic relations, rising business opportunities, and what this trend means for investors, students, and policymakers.
Watch till the end to understand whether Japan’s banking expansion is a big opportunity for India or a future economic risk.
StudyIQ brings you simplified, factual, and exam-oriented analysis of current affairs and global economic trends.
UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term Pratigya+ December Evening Hindi Batch
बैच 26 दिसंबर 2025 शुरू हो रहा है | बैच का समय शाम 6:00 बजे
Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/ilmfkWjzBT
UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term Resolution+ December Evening English Batch
Batch Starting on 26th Dec. 2025 | Daily Live Classes at 6:00 PM
Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/OKLKIMGle9
UPSC IAS Prelims to Interview (P2I) Advanced 2026 August Batch
Hurry Enroll Now :https://studyiq.u9ilnk.me/d/sMMaLSrleL
Features of UPSC P2I Batches
– 1000+ hours Live Classes
– Success in Prelims program
– Mains Residential Program
– Interview Guidance Program
– One to One Mentorship
– Answer Writing Program
– Current Affairs Program
– Handwritten Notes
– Prelims and Mains Test series
and much more…..
UPSC IAS (Mains) LIVE Optional Batches : https://studyiq.u9ilnk.me/d/9ahtTDzlmA
For UPSC IAS Offline Classes Please Call : 9459-456-945
State PSC Live Foundation Batches : https://studyiq.u9ilnk.me/d/BaZRePgV37
Gaurav Sir Current Affairs https://bit.ly/3jwDRsv
Complete Static GK by Dr. Gaurav Garg https://bit.ly/3O0FaxE
Banking Awareness (Static) by Dr Gaurav Garg https://bit.ly/36dElAI
Vipan Sir Courses – Courses to help you gain an edge with MCQs preparation
10000 MCQs of GA by Vipan Sir https://bit.ly/367qqMi
GS – Dr. Vipan Goyal https://bit.ly/3vbslbn
Buy our Best Selling UPSC CSE Books
From Online Stores: https://studyiq.u9ilnk.me/d/4EgxMOQTUN
Read all Information Rich Blogs & Articles here – https://www.studyiq.com/articles/
📌 Connect with [Our Social Media Platform] :
▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀
Join our Telegram Group:- https://t.me/Studyiqeducation
Whatsapp Channel – https://bit.ly/3M1i8Ya
Facebook: https://bit.ly/3PZTJDo
Instagram: https://bit.ly/48RZNGO
Twitter: https://bit.ly/48On8t7
For any doubt, Call 76-4000-3000 or Click here for Whatsapp Chat http://wa.me/919649876464
#japan #india #banka #news #currentaffairs #indiabanks #economy #indianeconomy #indianews #japanindia #indiajapanrelations #geopolitics #news #currentaffairs #topnews #internationalnews #pmmodi #IndiaFirst #motivation #inspiration #modigovernment #success #politics #pakistan #MustWatch #new #viralvideo #youtube #free #watchnow #trending #viral #StudyIQ #GlobalNews #WorldAffairs #NewsAnalysis #StudyIQ #StudyIQIAS #UPSC #IAS #politics #education #study #vlog#ViralNews #trending #viral #shorts #BreakingNews #HindiNews #LiveNews #EnglishNews #IndiaNews #CurrentAffairs2025 #UPSC2025 #UPSCMotivation #UPSCPreparation #DailyCurrentAffairs #YTNews #IndianPolitics
13 Comments
Clear UPSC with StudyIQ’s Courses : https://studyiq.u9ilnk.me/d/ARGLIVE
Call Us for UPSC Counselling- 9240231046 / 76-4000-3000
To download the PDF: https://studyiq.u9ilnk.me/d/GENp0BzUnJ
Use code 'ARGLIVE' to get Highest Discount
UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term December Morning Batch
Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/ARGLIVE
First comment 😄😂
जिस दिन जापान ने बांड बेचने शुरू कर दिए उस दिन दुनिया का बाजार घंटों में बर्बाद हो जायेगा इसीलिए वो भारत में निवेश कर रहा है
जिन महान हस्तियों को लगता है की देश हार्ड वर्क से आगे बढ़ते हैं, उन्हें Geo इकॉनमी पढ़ना चाहिए
Yes bank 🏧 में भी इनवेस्टमेंट किया है SMBC ने
Indo japan ❤❤
चीन सप्लायर है दुनिया का इसलिए चीन नहीं गए, हर चीज की सप्लाई। विदेशियों के लिए सेंसिटिव सेक्टर ओपनिंग बैकफायर करेगा और इसका असर 10-15 सालों में दिखेगा
❤
18:12 lawda bank and leading NBFC 😅
Koi videshi bank bharat ke bank me itna huge investment hamare economy ke liye sahi hai ? Justify please?
Japan has too much cheap money, they've to invest somewhere; the only major economy poised to grow fastest is India
Also Korean banks like Kookmin
विकसित भारत का क्या होगा जब देश में 25 cr islamic जिहादी होंगे जो वाकी देश की तरह बर्बाद करने को रेडी है, बंगलादेश देख लो
1447 साल का इतिहास जानने के बाद
चीन के नियम कानून ही विकसित बना सकते हैं देश को
India is still a foreign colony and our leaders are foreign puppets. What else would it means.
There is literally 0 technology india has built. We are extremely primitive. Has anyone wondered why?