Japan’s Yen Problem Explained: Will It Trigger a Global Market Crash in 2026?

आज मैं जिस टॉपिक के ऊपर बात करने जा रहा हूं, यह पूरी दुनिया के अंदर फाइनेंशियल क्राइसिस को ट्रिगर कर सकता है। दुनिया भर के सिर्फ और सिर्फ बैंक ही नहीं, दुनिया भर की गवर्नमेंट और बड़े-बड़े हिज फंड इस टॉपिक को लेकर बड़े ही कंसर्निंग है कि इस चीज के अंदर आगे क्या होगा। ये चीज शुरू होती है जापान से। इस चीज को समझने से पहले आप एक एग्जांपल से समझिए। अगर यह चीज ट्रिगर होती है तो 2026 से लेकर आने वाले 10 साल तक भी हम उस फाइनेंशियल क्राइसिस से नहीं निकल पाएंगे। यह बड़ा ही मिनिमम टाइम पीरियड है। हमें नहीं पता कि ये चीज कितनी डेंजर हो सकती है। इस चीज को समझते हैं। जापान एक ऐसी कंट्री है जो कि पूरी की पूरी तरीके से अपने एक्सपोर्ट के ऊपर डिपेंडेंट है। वहां पे जो इनफ्लेशन है वो एकदम 0% है और साथ ही जो इंटरेस्ट रेट है वो भी ऑलमोस्ट 0% है। अब ये सब क्या है? इस चीज को मैं आपको एकदम प्यार से समझाता हूं। मान लीजिए कि दो जनरेशन पहले या फिर आपके दादाजी कोई चीज को खरीदने गए ₹100 में। जिस क्वांटिटी में वो उस चीज को खरीद के लेके आए। आज आप जाते हो 30 साल के बाद सेम प्राइस पे करके आप सेम क्वांटिटी को खरीद के ला सकते हो। क्योंकि वहां पे जीरो इनफ्लेशन है। जबकि इंडिया में ऐसा नहीं है। आज के अगर 5 साल पहले ही देखोगे या दो-चार साल पहले कितनी-कितनी चीजों के भाव एकदम से बढ़ गए। टमाटर ₹200 किलो हो गए। कभी प्याज ₹200 किलो हो जा रहे हैं। ये सब क्यों होता है? क्योंकि ये इनफ्लेशन का पार्ट होता है। जब भी इनफ्लेशन हाई जाती है ना तो जो नॉर्मल चीजें हैं उनका भाव एकदम से बढ़ जाता है। जबकि जापान ने इस चीज को बड़े ही लंबे ड्यूरेशन के लिए 30 साल तक इस चीज को उन्होंने जीरो रखा है। ये सबसे उनकी खूबसूरत बात रही। पर साथ में ही अब ये चीज पूरी दुनिया के लिए मेजर क्राइसिस बनती जा रही है। वो कैसे? क्योंकि जापान गवर्नमेंट और बैंक ऑफ जापान 0% के इंटरेस्ट रेट के ऊपर पूरी दुनिया को पैसा बांटना उन्होंने शुरू कर दिया। मतलब क्या किया कि उन्होंने लोगों को बुलाया और कहा कि देखो आपको बिजनेस करना है। लोगों ने कहा बिल्कुल बिजनेस करना है। तो बैंक ऑफ जापान ने कहा कि आपको बिजनेस करना है ना तो हमसे आप जितना पैसा चाहिए आप ले जाओ। सो उसने कहा कि ठीक है हम पैसा ले जाएंगे। सर आप इंटरेस्ट क्या लेंगे? उन्होंने कहा कि आपको इंटरेस्ट देने की जरूरत ही नहीं है भाई साहब। उन्होंने कहा कि ये क्यों? क्योंकि अगर हम लोग इंटरेस्ट लेंगे तो इनफ्लेशन के ऊपर इफेक्ट होगा। हमें कोई जरूरत नहीं है। आप बस पैसा लेके जाओ अपना काम करो और हमें उस 0% इंटरेस्ट रेट के साथ ही वापस पैसा चुका देना। पूरी पूरा जापान इसके ऊपर काम करने लगा। बड़ी-बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सेटअप किए गए और 1990 के बाद जाके हम देखते हैं कि 2025 तक जापान कहां से कहां पहुंच चुका है। जिसके अंदर सबसे मेजर पार्ट रहा इस चीज का कि वहां की इंटरेस्ट रेट जीरो थी और उन्होंने पूरी दुनिया भर में अपनी टेक्नोलॉजी को एक्सपोर्ट किया। मेडिकल के अंदर वो सबसे आगे रहे। डिफेंस के अंदर वो सबसे आगे रहे और रिसर्च के अंदर वो पूरी दुनिया के अंदर टॉप पे रहे। इस बीच क्या हुआ ना वहां की गवर्नमेंट जो कुछ भी काम कर रही थी वो किसके ऊपर कर रही थी वो लोगों से लोन ले रही थी लोगों से मतलब एक डे इंस्ट्रूमेंट होता है बॉन्ड गवर्नमेंट अपने बॉन्ड जारी कर रही है मतलब एक लेटर दे रही है कि आप मेरा ये लेटर ले लो और मुझे इसके बदले में पैसे दे दो मैं बाद में आपको ये पैसे वापस दे दूंगा और इस बॉन्ड को वापस खरीद लूंगा। ये ऐसा एक वहां की गवर्नमेंट काम कर रही थी। पर बाय द टाइम उस गवर्नमेंट ने जो लोन ले लिया है वो हो गया है 204% उनकी डेप्ट टू जीडीपी का। मतलब अगर उनकी खुद की जेब में ₹100 है तो उन्होंने ₹200 का लोन ले रखा है। ऐसे करके वो गवर्नमेंट आगे चलती जा रही है। धीरे-धीरे पूरी दुनिया भर के बड़े-बड़े इन्वेस्टर्स के की नजर इस चीज के ऊपर पड़ी कि यार गवर्नमेंट जापान की जो है वो ना 0% के ऊपर पूरी दुनिया के अंदर लोन बांटने के लिए तैयार है। तो सबको ये बड़ा ही इंटरेस्टिंग लगा कि क्यों ना मैं जापान में जाऊं। वहां से कुछ पैसा बैंक ऑफ जापान से मैं उधार लूं क्योंकि मुझे उनको इंटरेस्ट नहीं देना पड़ रहा और उस पैसे को मैं किसी और जगह अच्छी जगह इन्वेस्ट करूं जहां से मैं इंटरेस्ट कमा पाऊं। जब मेरे पास इंटरेस्ट आएगा तो मैं इंटरेस्ट का जो पैसा है उसको अपने पास रख लूंगा और जो पैसा मैंने गवर्नमेंट ऑफ जापान या फिर बैंक ऑफ जापान से लिया था उनको मैं वापस लौटा दूंगा। सिंपल समझ गए मार्जिनल ट्रेडिंग कि आपने किसी एक आदमी से पैसा लिया और उसको आगे कहीं और इन्वेस्ट कर दिया। आपने जो रिटर्न कमाया वो आपका पैसा मुनाफा बना और उस पैसे को आपने वापस दे दिया। सिंपल धीरे-धीरे ये चीज बढ़ने लगी। जो बड़े-बड़े हैेज फंड थे उन्होंने जापान से बहुत बड़ा पैसा लिया और साथ ही उस पैसे को यूएस के बॉन्ड के अंदर इंडियन स्टॉक मार्केट के अंदर मल्टीपल हर एक नेशन के अंदर पैसे को इन्वेस्ट किया। आज अगर हम उस पैसे को नापें कि वो पैसा कितना ज्यादा है तो वो आपके इंडिया की जीडीपी से भी ज्यादा पैसा है। 4 ट्रिलियन डॉलर जापान की इकॉनमी से निकल चुके हैं और वो 4 ट्रिलियन डॉलर दुनिया भर के देशों के स्टॉक मार्केट में गवर्नमेंट बॉन्ड के अंदर इन्वेस्टेड है। तो अब इसमें प्रॉब्लम क्या है? अब इसमें प्रॉब्लम है जापान की इंटरेस्ट रेट और इनफ्लेशन। क्योंकि 2 साल पहले जो रशिया यूक्रेन का वॉर हुआ उसकी वजह से जापान की सप्लाई चेन के अंदर भी डिसरप्शनंस आ गया। वो जो माल एक्सपोर्ट कर रहे थे उसके अंदर उनको प्रॉब्लम्स आने लगी जिसकी वजह से हल्की सी जापान के अंदर हमें इनफ्लेशन देखने को मिली। जहां पे 30 साल तक जापान जीरो इनफ्लेशन के ऊपर काम कर रहा था आज की डेट में वो इनफ्लेशन 2 से 3% हो गई है। समझ रहे हैं? और साथ ही इंटरेस्ट रेट भी अब बढ़ना शुरू हो गए। तो अब आप इस सिचुएशन को ऐसे समझो कि जिनजिन लोगों ने जापान गवर्नमेंट से पैसा लिया था 0% इंटरेस्ट रेट पे उन लोगों ने उस पैसे को कहीं और इन्वेस्ट किया। फॉर एग्जांपल यूएस के बॉन्ड के अंदर इन्वेस्ट किया और वहां से 2% इंटरेस्ट वो लोग कमा रहे हैं। तो अब क्या होगा ना कि जैसे-जैसे वो इंटरेस्ट रेट बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे जब वो पैसा वापस लौटाने जाएंगे तो उनको इंटरेस्ट के साथ पैसा वापस देना पड़ेगा। अगर ऐसे समझो अगर उन्होंने ₹100 जापान से उधार लिए और अगर अब वहां पे इंटरेस्ट रेट 2% हो गया है तो उनको ₹12 देने पड़ेंगे। जबकि वो बॉन्ड से ही ₹12 कमा रहे थे तो ये क्या होगा? ये जीरो जीरो सम गेम हो जाएगा। पर अगर ऐसे सोचो अगर जापान की जो इंटरेस्ट रेट है अब वो 2% से धीरे-धीरे बढ़ते 3% और 4% हो जाएगी तो हर दूसरा इन्वेस्टर हर दुनिया का सबसे बड़ा हैज फंड जिसने जापान से पैसा लिया और दुनिया भर की इकॉनमी के अंदर इन्वेस्ट किया वहां से पैसा निकालना शुरू कर देगा वो यूएस मार्केट से पैसा निकालेगा इंडियन मार्केट से पैसा निकालेगा लंदन से पैसा निकालेगा अफ्रीका से पैसा निकालेगा हर एक उस जगह से पैसा निकालना शुरू कर देगा जहां पे उसने पैसा जापान से उधार लेके लगाया था वो पैसा जैसे से ही निकलना शुरू होएगा। पूरे मार्केट के अंदर क्राइसिस शुरू हो जाएगा। और वो पैसा कहां जाएगा? वापस जापान जहां से वो असलियत में आया था। इससे होगा क्या? इससे हर एक मार्केट इफेक्ट होने लग जाएगा। हर एक गवर्नमेंट का जो बॉन्ड ईल्ड है वो इफेक्ट होने लग जाएगा। असल में ईल्ड क्या है? ईल्ड है गवर्नमेंट की बोरोइंग कॉस्ट। कि अगर गवर्नमेंट को भी तो अपना काम करने के लिए पैसा चाहिए ना। अपन इंडियन गवर्नमेंट की बात करते हैं। अगर इंडियन गवर्नमेंट डिसाइड करती है कि यार हम लोग ना जो हमारा न्यूक्लियर पावर प्लांट है 2050 तक इसकी कैपेसिटी को हम दो गुना कर देंगे। पब्लिक कहती है बहुत शानदार कीजिए। तो वो कहता है कि कर तो देंगे पर हमें ना 500 बिलियन डॉलर की इन्वेस्टमेंट की जरूरत है। वो कहता है कि ठीक है अब हम क्या कर सकते हैं? तो गवर्नमेंट कहती है कि आप मेरा यह बॉन्ड पकड़िए। आप मेरा लेटर लीजिए और बदले में आप मुझे पैसा दे दीजिए। तो पब्लिक कहती है कि हम तुम्हारा ये बॉन्ड लेके तुम्हें पैसा वापस क्यों दें? गवर्नमेंट कहती है देखो फ्री में नहीं ले रहा। मैं हर साल तुम्हें इसके ऊपर इंटरेस्ट पे करूंगा। वो इंटरेस्ट क्या होगा? वो इंटरेस्ट होता है बॉन्ड ईल्ड। जो गवर्नमेंट की बोरोइंग कॉस्ट होती है। हर एक नेशन की जो बॉन्ड ईल्ड है वो इफेक्ट होने लग जाएगी। मतलब जो गवर्नमेंट जिस रेट से पब्लिक से पैसा उधार ले रही है वो इफेक्ट होना शुरू हो जाएगा। जो कि बड़े से बड़े फाइनेंशियल क्राइसिस की शुरुआत कर सकता है। ऐसा ही ठीक ऐसा ही फाइनेंसियल क्राइसिस हमें 2008 में भी देखने को मिला। हो सकता है हमें आने वाले टाइम के अंदर देखने को फिर से मिल सकता है। अभी जिस सिचुएशन की हमने बात करी वो आज की डेट तक करंट सिचुएशन है। हो सकता है कि फ्यूचर में जिस क्राइसिस की हम लोग बात कर रहे हैं वो ना हो। उसके ना होने का रीजन क्या होगा? जापान की इंटरेस्ट रेट और वहां की इनफ्लेशन। वहां की गवर्नमेंट ये कोशिश कर रही है कि 2026 तक 27 तक वहां की इनफ्लेशन को और इंटरेस्ट रेट को कंट्रोल में लाया जाए और इस ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस से बचा जा सके। अब देखते हैं कि फ्यूचर के अंदर क्या होगा। पर फिलहाल की जो सिचुएशन है वो बड़ी ही ड्रामेटिक और कंसर्निंग है। तो यह वीडियो आपको कैसी लगी आप कमेंट में लिख के जरूर बताना। यह जो हमारी पहली वीडियो थी जापान की जो क्राइसिस आने वाला है जो क्राइसिस के ट्रिगर पॉइंट क्या हो सकते हैं या फिर उस ट्रिगर पॉइंट को होने से कैसे रोका जा सकता है? इन सभी मुद्दों के ऊपर हमने आज की बात करी। हम सोच रहे हैं कि हम एक और नई वीडियो लाएं जिसके ऊपर हम इसके ऊपर केस स्टडी करें कि जो पिछले बीते 30 साल है उसके अंदर जापान की गवर्नमेंट कैसे सक्सेसफुली जीरो इंटरेस्ट रेट और जीरो इनफ्लेशन के ऊपर अपनी इकॉनमी को सस्टेन करवा पाई। इन सभी चीजों के ऊपर हम जानेंगे अपनी आने वाली अगली वीडियो में। ये वीडियो आपको कैसी लगी? आप प्लीज कमेंट में लिख के जरूर बताएं। और नेक्स्ट पार्ट लाना है या नहीं लाना आपके रिस्पांस के ऊपर ही मैटर करती है। तो बस आज के लिए इतना ही। दिस इज अजय चौधरी साइनिंग ऑफ।

Japan’s economy is facing a major warning signal — the Yen is collapsing, inflation is rising, and the country’s massive debt is becoming harder to manage.
If this currency crisis gets worse, it won’t stay limited to Japan. It can impact global trade, stock markets, and the world economy in 2026.

In this video, we break down:

• Why the Japanese Yen is falling
• How Japan’s debt and interest rates created a currency problem
• How a Yen crash can affect global markets and trade
• Why experts fear a global shock in 2026

Japan is the world’s 4th-largest economy — if its currency shakes, the world feels it.
This video will help you understand what’s happening before the impact reaches global markets.

Disclaimer: This video is for education only and is not financial advice.

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#JapanDebtCrisis #globalmarkets #BondCrisis #economiccollapse #finance2025

34 Comments

  1. Bhai apne itne simple way me samjhaya hai ke beginners ko bhi samajh me aajaye. Me dusre youtube channel bhi dekta hu but apka samjhane ka tarika bahut acha hai keep going and make more videos on upcoming crisis. 🙏🙏🙏

  2. Bhai agar bond yield increases hoti h to investors ko bond attractive lagenge to phir wo market se paisa nikal k bond buy karenge to ye to phir se market ko trigger karega
    Ye to ek loop ban gya

  3. Bhai lekin kyu Samajta h Aur hmare Samajne se kya hoga
    Bachpan se Ab tak jo pda vooh 90% waste feel ho rha h
    Aur Aap log muh Utakre Aa Jate ho Chlo guys Issey samajte h

  4. WRONG INFO:

    Summary:
    "In this video, we’re going to address a common claim: that Japan’s interest-free loans played a role in a market crash. While Japan does offer some low-interest or interest-free loans in certain cases, such as for students or small businesses in hardship, the reality is more complex. The country has long had low-interest rates, especially for mortgages and business loans, to stimulate the economy. However, the market crashes Japan experienced, like the 1990s asset bubble burst, were largely due to speculative investments, overleveraging, and a rapid rise in real estate and stock prices, not just the availability of loans. So, while loans in Japan may be low-cost, they are far from universally interest-free and cannot be solely blamed for Japan’s economic crashes."

    This summary gives a clear overview while also addressing the misconception in a balanced way.

  5. Same is happening in every country, people r so used to low interest rates that governments across r reducing interest rates in every country which eventually is used to raise stock prices.

  6. Brother, the situation was different before, the situation in Japan is very bad now. Is it because of the loan? No one will lend you even a single rupee in Japan.